अशोक गहलोत ने राज्यपाल के पास विधानसभा सत्र बुलाने के नया प्रस्ताव भेजा ?

राजस्थान में चल रही सियासी तनातनी के बीच अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यपाल के पास विधानसभा सत्र बुलाने के नया प्रस्ताव भेजा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्ताव में कहा गया है वो कोरोना पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहते हैं। साथ ही इस सत्र में छह और नये बिल पेश करने की योजना है। हालांकि इसमें बहुमत साबित करने का कोई जिक्र नहीं है। इससे पहले भी सीएम विधानसभा सत्र बुलाए जाने का प्रस्ताव राज्यपाल को भेज चुके हैं लेकिन उसे राज्यपाल ने मंजूरी नहीं दी थी, जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने राजभवन में धरना भी दिया था।

Rajasthan crisis news: CM Ashok Gehlot says Governor acting under ...

इस बीच भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस्तीफे की मांग की है। विधानसभा सत्र बुलाने का संशोधित प्रस्ताव 7 दिन के नोटिस के साथ राजभवन पहुंचा है। अब राज्यपाल को इस प्रस्ताव पर फैसला करना है। दरअसल, राजस्थान में विधानसभा सत्र बुलाने के मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में शुक्रवार को राजभवन में दिए गए धरने के कारण राज्यपाल ने मंत्रिमंडल की बैठक में कुछ बिन्दुओं पर स्पष्टीकरण मिलने पर विधानसभा का सत्र बुलाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद देर रात तक मंत्रीमंडल की बैठक हुई, जिसमें छह बिन्दुओं पर चर्चा कर प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके बाद गहलोत ने राज्यपाल से दो बजे मिलना था, लेकिन वह नहीं हो सकी। फिर सूचना आई कि गहलोत चार बजे राज्यपाल से मिलेंगे लेकिन उससे पहले मुख्यमंत्री ने कैबिनेट की बैठक बुला ली।

विधानसभा अध्यक्ष द्वारा व्हिप का उल्लंघन करने के मामले में 19 विधायको को दिए गए नोटिस पर अदालत की रोक के बाद इस मुद्दे पर 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अब खुलकर कांग्रेस को जबाव देने का फैसला किया है। भाजपा का मानना है कि कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान का दोष भाजपा पर मढा जा रहा है जबकि कांग्रेस विधायक खरीद फरोख्त में शामिल केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत का नाम ले चुकी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नजदीकी लोगों पर प्रवर्तन निदेशालय तथा केन्द्रीय जांच ब्यूरों सीबीआई की कार्रवाई की है।

Rajasthan CM Ashok Gehlot ready to approach President, if required

विधानसभा सत्र बुलाने के पक्ष में क्यों नहीं है भाजपा
गहलोत सरकार जहां विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं। वहीं राज्यपाल ने अभी तक इसकी मंजूरी नहीं दी है। इस बीच भाजपा इस पूरे मसले पर चुप्पी साधे हुए है। दरअसल भाजपा नहीं चाहती कि सरकार सत्र बुलाकर सचिन पायलट गुट के खिलाफ कोई कार्रवाई करे। भाजपा की कोशिश है कि सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों की सदस्यता बची रहे, ताकि उन्हें साथ लेकर गहलोत सरकार को सत्ता से बाहर किया जा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here