नाराज पितरों को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद पाने के ज्योतिषीय/शास्त्रीय उपाय क्या हैं ?

पित्र हमारे पूर्वज है वे अपने बच्चों से कभी नाराज नहीं होते हैं हाँ उनकी प्रसन्नता तथा आर्शिवाद पाने के लिए हमें अवश्य ही श्रद्धा सुमन अर्पित करने ही चाहिए शास्त्र में अनेकों प्रकार के विधान बताये गये हैं जिससे पित्रो को प्रसन्नता मिलती तथा उनका आशीर्वाद एवं कृपा आसानी से प्राप्त कर सकते है –

शास्त्रीय विधान – ● गरुण पुराण में पित्रो के निमित्त श्राद्ध, तर्पण, पिंड दान ,विविध प्रकार के विधान वताये गये हैं मेरे आध्यात्मिक गुरु जी के अनुसार प्रत्येक अमावस्या को पित्रो के निमित्त श्रद्धा पूर्वक रूचि कृत पित्र स्त्रोत या पित्र सूक्त का पाठ करना अति श्रेष्ठ होता है पित्रो को प्रसन्नता मिलती है तथा उनकी कृपा प्राप्त होती है।

● पित्रो के निमित्त गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र जप, रूद्र सूक्त, श्री मद्भभगवत गीता पाठ , विष्णु मंत्र , ॐ नमो पित्र देवाय नमः मंत्र जप श्रद्धा पूर्वक करने से पित्रो का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

● नित्य इष्ट देव, कुल देवता, कुल देवी , पित्रो का नमन दक्षिण दिशा की मुख करके ध्यान पूर्वक करने से पित्रो का आशीर्वाद प्राप्त होता है ।

● पित्र पक्ष में पित्रो के निमित्त श्राद्ध , ब्रह्म भोजन, काक ग्रास, गऊ ग्रास , श्वान ग्रास प्रदान करने से पित्रो का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

ज्योतिषीय सरल विधान – पित्रो की प्रसन्नता के लिए निम्न अनुभूत उपाय करने से पित्रो की कृपा प्राप्त होती है।

● अमावस्या के दिन दूध एवं चावल से खीर बनाये पित्रो का ध्यान करते हुए किसी बुजुर्ग व्यक्ति या बुजुर्ग महिला को श्रद्धा के साथ खिलाये, उनका आशीर्वाद ग्रहण करे यदि बुजुर्ग व्यक्ति गरीब भी हो तो अति उत्तम रहेगा उनके अन्तर आत्मा की तृप्ति से पित्रो का आशीर्वाद प्राप्त होगा

प्रसाद स्वरूप परिवार सहित ग्रहण करने से पित्रो की कृपा प्राप्त होती है।

● अमावस्या के दिन गंगा नदी या नदी , सरोवर मे स्नान करे पित्रो के निमित्त जल अर्पित करने से पित्रो का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

● जरूरत मंदो को पित्रो की पंसद का भोजन, वस्त्र, अन्न का दान करने से पित्रो को प्रसन्नता मिलती है।

● सोमवार या अमावस्या के दिन नंगे पैर शिव मंदिर जाये शिव जी को दूध ,पुष्प, बिल्व पत्र ,काले तिल अर्पित करने से पित्रो को सुखी मिलती है।

● किसी गरीब कन्या के विवाह या बीमार व्यक्ति को औषधियों का दान पित्रो को प्रसन्नता प्रदान करता है।

● गाय सेवा , पंछीयो को भोजन ,निराश्रितो , वृद्धाश्रम मे आवश्यक वस्तुओं का दान करने से पित्रो का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

● सार्वजनिक स्थान या तीर्थ अथवा दूर दराज वाले स्थानो पर जल सेवा या जल की व्यवस्था करने से पित्रो की कृपा प्राप्त होती है।

● पीपल , बरगद, छाया दार वृक्षों का पोपण, एवं पोषण करने से पित्रो को प्रसन्नता मिलती है।

● गरीब बूढ़े व्यक्तियो , उम्र दराज माताओ की निज सामर्थ्य अनुसार शारीरिक, मानसिक, आर्थिक मदद करने से पित्रो का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

सबसे अचूक उपाय – वृद्ध जनो , बुजुर्ग व्यक्तियो , बुजुर्ग माताओ , माता-पिता, दादा – दादी का सम्मान करें नित्य आशीर्वाद प्राप्त करें यात्रा के समय अपनी सीट बुजुर्गो को सम्मान पूर्वक प्रदान करने से पित्रो की कृपा होती ही है ।

आशा है आप की जिज्ञासा के अनुसार जानकारी प्राप्त हुई होगी ज्योतिष प्रेमियों एवं सम्मानित पाठकों के बहुमूल्य सुझावों का टिप्पणी कालम मे स्वागत रहेगा उपयोगी प्रश्न करने के लिए आपका ह्दय से आभार आपका उत्साह वर्धन मेरे लिए प्रेरणा दायी रहेगा जी।

मूल स्रोत-श्री गुरु प्रदत्त प्रायोगिक अनुभव

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