केंद्र की मोदी सरकार ने देश में बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया है। जिसमें सरकार ने कहा है कि देश में केस लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में अस्पताल में मेक शिफ्ट अस्पताल बनाने पर सकते हैं। सरकार ने माना है कि हां देश में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है।

कोरोना संकट पर केंद्र ने दिया हलफनामा मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया। जिसमें कहा कि देश में कोरोना के संक्रमण बढ़ रहे हैं। ऐसे में देश के अंदर मेकशिफ्ट अस्पताल बनाने होंगे। ऐसे में देश में बड़ी संख्या में मेक-शिफ्ट अस्पतालों की स्थापना करनी होगी। केंद्र सरकार ने चिंता जाहिर करते हुए हलफनामे में कहा है कि अब देश में तेजी से कोरोना संक्रमितओं की संख्या बढ़ रही है।

ऐसे में भविष्य में हमें पूरी तरह से मरीजों के लिए अस्थाई मेकशिफ्ट अस्पतालों का निर्माण करना होगा। ताकि मरीजों को सही से इलाज मिल सके। वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने आगे कहा कि संकट की इस घड़ी में मरीजों की देखभाल के लिए देशभर में स्वास्थ्य कर्मियों की देखभाल करने की भी जरूरत है। सरकार ने साफ कहा कि पूरी निष्ठा के साथ संरक्षण की कोशिश की जा रही है।

जानकारी के लिए बता दें कि भारत में कोरोना संक्रमण के दो लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। बीते 4 से 5 दिनों के अंदर 8000 मामले सामने आ चुके हैं। तो वहीं राजधानी दिल्ली में अब तक बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमित की संख्या 15 के पार हो चली है। वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट में लॉक टाउन के दौरान मजदूरों की सैलरी को लेकर सुनवाई हुई और इस दौरान सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया कि यह कंपनी और मजदूरों के बीच का मामला है। ऐसे में सरकार दखल नहीं दे सकती है।

इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अब 12 जून को फैसला सुनाया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली के बॉर्डर सील किए जाने का मामला भी सुनाया गया। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एनसीआर के लिए कॉमन पास बनाने की आवश्यकता है और ऐसे में तीनों राज्यों दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के राज्यों को समन्वय स्थापित कर नागरिकों को असुविधा ना हो इसके लिए पास बनाए जाएं। यह कॉमन पास बॉर्डर के लिए होंगे। जिससे आसानी से लोग एक राज्य से दूसरे राज्य में जा सकेंगे।

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